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loc vichar 24×7 News $location = get_post_meta(get_the_ID(), 'post_location', true); ?> 📍 Unknown | June 12, 2026

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लोग विचार चैनल

स्थान: बिलसंडा, पीलीभीत

रिपोर्टर: प्रियम तिवारी, जिला संवाददाता

बड़ी ख़बर: विकासखंड बिलसंडा में सरकारी धन की खुली लूट, वीडियो और सचिवों के गठजोड़ से भ्रष्टाचार का बड़ा खेल!

नमस्कार, आप देख रहे हैं ‘लोग विचार चैनल’ और मैं हूँ आपके साथ पीलीभीत से जिला संवाददाता प्रियम तिवारी। उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक तरफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार पर नकेल कसने का दावा कर रही है, वहीं पीलीभीत के विकासखंड बिलसंडा में अधिकारी और कर्मचारी मिलकर सरकार की मंशा को ठेंगा दिखा रहे हैं। बिलसंडा के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अमित शुक्ला और ग्राम विकास अधिकारियों/सचिवों (धर्मेंद्र कुमार वर्मा व अन्य) के कार्यकाल में कई ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों के मामले सामने आ रहे हैं। कागजों पर चल रही इस विकास योजना और बंदरबांट का भंडाफोड़ आज हम सबूतों के साथ करने जा रहे हैं।

मुख्य मामले जिनका हुआ भंडाफोड़:

1. ग्राम पंचायत लिलहर: फर्जी बैठक का बड़ा खेल, प्रस्ताव रजिस्टर गायब कर पोर्टल पर अपलोड किया अंग्रेजी किताब का पन्ना!

ग्राम पंचायत लिलहर में पंचायत प्रशासन के कथित भ्रष्टाचार का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने सरकारी तंत्र को हिलाकर रख दिया है।

क्या है घोटाला?: यहाँ ग्राम प्रधान शकुंतला देवी और सचिव धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने ग्राम सभा की खुली बैठक दिखाकर विकास कार्यों को मंजूरी देने का दावा किया। लेकिन जब सरकारी नियमों के अनुसार बैठक की हस्ताक्षरित प्रति पोर्टल पर अपलोड करने की बारी आई, तो असली प्रस्ताव रजिस्टर गायब कर उसकी जगह किसी अंग्रेजी किताब के पन्ने की फोटो अपलोड कर दी गई!

ग्रामीणों का आक्रोश: ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों की स्वीकृति केवल कागजों में दिखाई गई है और सरकारी धन को वैध ठहराने के लिए इस फर्जी बैठक का सहारा लिया गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी प्रधान, सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

2. ग्राम पंचायत घनश्यामपुर: ग्राम निधि पर डाका, अमीरों के नाम मजदूरी भुगतान का आरोप!

बिलसंडा विकास खंड की ही दूसरी ग्राम पंचायत घनश्यामपुर में ग्राम निधि के धन के कथित दुरुपयोग का मामला गरमाया हुआ है।

क्या है घोटाला?: ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि गांव में नाली निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों के नाम पर ऐसे लोगों के नाम भुगतान दर्शाया गया है, जो आर्थिक रूप से पूरी तरह संपन्न हैं और जिन्होंने कभी मजदूरी का कार्य ही नहीं किया।

प्रधान परिवार पर गंभीर सवाल: मामले को और गंभीर बनाते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान और सचिव विवेक वर्मा की कार्यप्रणाली के तहत प्रधान ने अपने ही परिवार से जुड़े कई लोगों के नाम पर भी सरकारी धन का लाभ दिलाया है। वास्तविक मजदूरों को इसका कोई लाभ नहीं मिला, जिससे साफ़ पता चलता है कि पंचायत निधि को निजी लाभ का माध्यम बना दिया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

ग्राउंड रिपोर्ट से प्रियम तिवारी की तीखी बात:

“बिलसंडा ब्लॉक के ये मामले तो सिर्फ एक बानगी हैं। बीडीओ अमित शुक्ला की नाक के नीचे सचिव धर्मेंद्र कुमार वर्मा और अन्य सचिवों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर लगातार घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है। लिलहर में अंग्रेजी किताब का पन्ना अपलोड होना सरकारी आदेशों का मखौल उड़ाने जैसा है, तो वहीं घनश्यामपुर में अपात्रों और प्रधान के चहेतों को मजदूरी बांटना गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है। आखिर इन भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है? क्यों जिला प्रशासन इस खुली लूट पर मौन साधे बैठा है?”

जनता की मांग:

अब पीलीभीत जिला प्रशासन और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि:

सभी प्रभावित ग्राम पंचायतों के वित्तीय अभिलेखों, भुगतान रजिस्टर, मस्टर रोल तथा बैंक खातों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

आरोपी बीडीओ, सचिवों और प्रधानों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाए।

इस बड़ी कवरेज पर हमारी नज़र लगातार बनी रहेगी। पल-पल की अपडेट के लिए देखते रहिए लोग विचार चैनल। के साथ, मैं प्रियम तिवारी, जिला संवाददाता, पीलीभीत।