

loc vichar 24×7 News
बड़ी खबर: परमिशन के नाम पर मानकों की धज्जियां! तीन गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर फैलाया कीचड़, ग्रामीणों की जान जोखिम में
स्थान: मीरपुर मार्ग, सिंधौरा
मामला: ईंट भट्टा मालिक महेंद्र पाल शर्मा के भट्टे पर हो रहा अवैध/मानकविहीन खनन और ओवरलोडिंग।
मुख्य बातें:
सिंधौरा, प्रतिज्ञा और गोरखपुर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर ओवरलोड गाड़ियों से गिर रही है मिट्टी।बारिश होते ही सड़क बनी “सड़क-हादसा ज़ोन”, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना।पूछने पर भट्टा कर्मी और खुद को पत्रकार बताने वाले अमित कुमार शर्मा देते हैं ‘परमिशन’ का धौंस।ग्रामीणों का सवाल- क्या परमिशन मिलने से जनता की जान से खेलने का लाइसेंस मिल जाता है?
मामला मीरपुर मार्ग का है, जो सिंधौरा, प्रतिज्ञा और गोरपुर जैसे तीन महत्वपूर्ण गांवों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है। इस मार्ग पर भट्टा मालिक महेंद्र पाल शर्मा के भट्टे के लिए लगातार मिट्टी का खनन और परिवहन किया जा रहा है। आरोप है कि मिट्टी लेकर आने-जाने वाले डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पूरी तरह ओवरलोड हैं। नियमों के मुताबिक इन गाड़ियों को तिरपाल से ढका होना चाहिए, लेकिन यहाँ खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे पूरी सड़क पर मिट्टी बिखर चुकी है।
हैरानी की बात तो यह है कि जब ग्रामीणों और जागरूक लोगों ने इस लापरवाही का विरोध किया, तो भट्टे से जुड़े श्यामवीर पिंड, अमित कुमार शर्मा ने बताया कि भट्टमलकजै पत्रकार है और बांदा ब्लॉक प्रमुख है ब्लॉक प्रमुख है खनन की ‘परमिशन’ होने का धौंस दिखाने लगे। लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि प्रशासन से माइनिंग की परमिशन मिलने का मतलब क्या यह होता है कि आप जनता की सुरक्षा को ताक पर रख दें? क्या परमिशन मिलने के बाद सड़क पर फैली मिट्टी को साफ कराने की जिम्मेदारी भट्टा मालिक की नहीं है?
लोक विचार प्रशासन से यह मांग करता है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए, ओवरलोडिंग पर लगाम कसी जाए और सड़क को जल्द से जल्द साफ कराकर ग्रामीणों को इस जानलेवा खतरे से निजात दिलाई जाए।
रिपोर्टर : प्रियम तिवारी ( जिला क्राइम रिपोर्टर पीलीभीत) पत्रकार प्रेस ऑफ़ इंडिया मंडल अध्यक्ष बरेली
चैनल: लोक विचार न्यूज़



