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📢 लोग विचार न्यूज़ – विशेष ग्राउंड रिपोर्ट
जिला: पीलीभीत
विकासखंड: बिलसंडा
ग्राम पंचायत: बिलासपुर (ग्राम: तुरकिया)
रिपोर्टर: प्रियम तिवारी (जिला क्राइम रिपोर्टर)
पीलीभीत: विकास दावों की खुली पोल! बिलासपुर के तुरकिया गांव में सड़क नहीं, दलदल से गुजरने को मजबूर ग्रामीण; जिम्मेदार बना रहे बहाने
मुख्य खबर (News Content):
पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): डिजिटल इंडिया और चमचमाती सड़कों के बड़े-बड़े दावों के बीच जनपद पीलीभीत के विकासखंड बिलसंडा की ग्राम पंचायत बिलासपुर से विकास को मुंह चिढ़ाती एक बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ के ग्राम तुरकिया में पिछले कई वर्षों से मुख्य संपर्क मार्ग और नाली का निर्माण न होने के कारण पूरी सड़क तब्दील होकर एक गहरे तालाब का रूप ले चुकी है।
ग्रामीणों और स्थानीय पत्रकार प्रियम तिवारी द्वारा साक्ष्यों के साथ उठाए गए इस मुद्दे में साफ़ देखा जा सकता है कि सड़क पर गंदा पानी और कीचड़ जमा है। विशेष रूप से वगीश के घर के पास से होते हुए विकास व राज बहादुर के घर के पास से होते हुए नीम के पेड़ तक का मार्ग अत्यंत दयनीय स्थिति में पहुँच चुका है।
बच्चे, बुजुर्ग और बीमार सबसे ज्यादा परेशान
इस मुख्य मार्ग से रोजाना सैकड़ों ग्रामीणों का आना-जाना होता है। सड़क पर हुए गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को निकलने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन राहगीर इस कीचड़ में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
बहानेबाजी में जुटे जिम्मेदार: ‘कभी कार्य योजना तो कभी आदेश का रोना’
स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित जनता का आरोप है कि जब भी इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम प्रधान, सचिव (ग्राम विकास अधिकारी) या अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से बात की जाती है, तो वे सीधे तौर पर काम कराने के बजाय केवल टालमटोल और बहानेबाजी करते हैं। अधिकारियों द्वारा कभी यह तर्क दिया जाता है कि ‘यह सड़क वर्तमान कार्य योजना में शामिल नहीं है’, तो कभी ऊपरी ‘आदेश या बजट न मिलने’ की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
उच्चाधिकारियों की चौखट पर न्याय की गुहार
मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पत्रकार व पीड़ित जनता द्वारा उपजिलाधिकारी (SDM) बीसलपुर और ग्राम विकास अधिकारी को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर इस जर्जर सड़क व नाली (इंटरलाकिंग) निर्माण कार्य को जल्द से जल्द स्वीकृत कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द निस्तारण नहीं हुआ, तो वे इस प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आगे की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि कुंभकर्णी नींद में सोए बिलसंडा विकासखंड के अधिकारी और ग्राम पंचायत बिलासपुर के जिम्मेदार कब जागते हैं और तुरकिया गांव के इन बेबस ग्रामीणों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिलती है!
‘लोग विचार’ चैनल के लिए पीलीभीत से जिला क्राइम रिपोर्टर प्रियम तिवारी की रिपोर्ट।





