24×7 Breaking News | Latest Updates

Patrkar Press of India
National President
Mr. Vivek Kumar

Head Office:
Model City Mohan Road,
New Airtel Tower, Tower Wali Gali,
Buddheshwar, Lucknow – 226017

Logo
सेवाथ फाउंडेशन ट्रस्ट कार्यालय पर मनाई गई गांधी व शास्त्री जयंती, वनवासियों ने लिया शांतिपूर्ण संघर्ष का संकल्प $location = get_post_meta(get_the_ID(), 'post_location', true); ?> 📍 Unknown | October 3, 2026

सेवाथ फाउंडेशन ट्रस्ट कार्यालय पर मनाई गई गांधी व शास्त्री जयंती, वनवासियों ने लिया शांतिपूर्ण संघर्ष का संकल्प

लोक विचार न्यूज़ ब्यूरो चीफ भास्कर
बरखड़िया ‌: जनपद बहराइच के मोतीपुर तहसील अंतर्गत गिरिजापुरी में सेवार्थ फाउंडेशन ट्रस्ट के कार्यालय पर आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के वनवासी उपस्थित रहे।

माल्यार्पण और भजनों से गूंजा कार्यालय

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों और उपस्थित वनवासियों द्वारा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद सभी ने मिलकर बापू के प्रिय भजन “रघुपति राघव राजा राम” का गान किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने दोनों महान विभूतियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। गांधीवाद आज भी प्रासंगिक — जंग हिंदुस्तानी सामाजिक कार्यकर्ता जंग हिंदुस्तानी ने कहा कि जहाँ एक ओर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य व अहिंसा के माध्यम से देश को स्वतंत्रता दिलाई, वहीं दूसरी ओर पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री ने “जय जवान जय किसान” के नारे से जवानों और किसानों का मान बढ़ाया। देश को भुखमरी से आजादी दिलाने में शास्त्री जी की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि आज भी दुनिया के कई देश युद्ध का मार्ग चुनते हैं, लेकिन अंततः उन्हें अहिंसा के रास्ते पर चलने से ही शांति और विजय प्राप्त होती है। वन अधिकार आंदोलन के अध्यक्ष शंकर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे वन ग्रामों की लड़ाई सदैव से गांधीवादी रही है और हमने कभी हिंसक मार्ग नहीं अपनाया। आज हमारे क्षेत्र के लोगों को जो भी अधिकार प्राप्त हुए हैं, वे बापू के बताए अहिंसा के मार्ग का अनुसरण करने से ही मिले हैं। शेष वन बस्तियों को राजस्व ग्राम बनाने का संकल्प — सूरज देव वन अधिकार आंदोलन के महासचिव सूरज देव ने आह्वान किया कि बाकी बचे हुए वन बस्तीग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित कराने के लिए हमें निरंतर और शांतिपूर्ण गांधीवादी रास्ते पर चलकर अपना आंदोलन जारी रखना होगा। शोषण के खिलाफ निरंतर संघर्ष की जरूरत — कांति देवी महिला नेत्री श्रीमती कांति देवी ने विचार रखते हुए कहा कि आज भी जनता को विभिन्न स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, इनसे मुक्ति पाने और वास्तविक आजादी के लिए हमें लगातार सक्रिय रूप से कार्य करना होगा। सैकड़ों ग्रामीण रहे मौजूद इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में श्री राम पुरवा, सुकड़ी पुरवा, रामपुर रेतिया, हल्दी प्लाट, टेडिया, ढकिया कैलाश नगर, निषाद नगर तथा भवानीपुर बिछिया गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएँ और पुरुष उपस्थित रहे।