24×7 Breaking News | Latest Updates

Patrkar Press of India
National President
Mr. Vivek Kumar

Head Office:
Model City Mohan Road,
New Airtel Tower, Tower Wali Gali,
Buddheshwar, Lucknow – 226017

Logo
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल: थाना प्रभारी का FIR से इनकार, उल्टे पीड़िता के भाई को रात भर थाने में बिठाकर सुबह किया चालान पीड़िता पुलिस अधीक्षक खीरी से न्याय की लगाएगी गुहार $location = get_post_meta(get_the_ID(), 'post_location', true); ?> 📍 Unknown | September 15, 2026

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल: थाना प्रभारी का FIR से इनकार, उल्टे पीड़िता के भाई को रात भर थाने में बिठाकर सुबह किया चालान पीड़िता पुलिस अधीक्षक खीरी से न्याय की लगाएगी गुहार

लोक विचार न्यूज़ पीयूष दीक्षित ब्यूरो चीफ
लखीमपुर(खीरी)। थाना फरधान क्षेत्र के परसेरा ओयल गांव में घरेलू हिंसा की पीड़िता ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पक्षपात का दावा किया है। पीड़िता रिजवाना खातून का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया। इसके विपरीत, उनके निर्दोष भाई को रात भर थाने में बिठाकर रखा गया और अगले दिन 15 सितंबर को उसका चालान कर दिया गया।
स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने से क्षुब्ध पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक (एसपी) लखीमपुर खीरी के समक्ष पेश होकर न्याय की गुहार लगाने का फैसला किया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता रिजवाना खातून का अपने पति इमरान व ससुराल पक्ष के खिलाफ घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न का मामला अदालत में विचाराधीन है। 14 सितंबर को इस मामले में कोर्ट में पेशी थी। रिजवाना का आरोप है कि उनके पति ने खुद को ब्लेड से चोट पहुंचाकर उनके भाई सलीम और अन्य रिश्तेदारों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची, जबकि घटना के वक्त सलीम लखीमपुर स्थित सिविल न्यायालय में मौजूद था। इसकी पुष्टि कोर्ट के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से हो सकती है।
112 पर दी थी मारपीट की सूचना
पीड़िता के अनुसार, 13 सितंबर की रात पति, सास-ससुर और नंदोई ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसकी सूचना उनके भाई ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को दी थी। आरोप है कि उसी दौरान पति ने फोन पर जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी थी।
एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़िता रिजवाना खातून ने बताया कि थाने से न्याय न मिलने के कारण अब वह एसपी लखीमपुर खीरी के पास जाएंगी। वह डायल 112 की कॉल डिटेल और कोर्ट के सीसीटीवी फुटेज जैसे साक्ष्यों को सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगी।