

सरकार के निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावों के बीच बांकेगंज में कटौती का खेल जारी शटडाउन और रोस्टिंग के बाद 33 केवी ब्रेकडाउन ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की परेशानी, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे अधिकारी
लोकविचार न्यूज़ संवाददाता
संसारपुर खीरी। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे कर रही है, लेकिन बांकेगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़े संसारपुर फीडर के उपभोक्ताओं को इन दावों के विपरीत लगातार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। दिन में शटडाउन के नाम पर घंटों आपूर्ति बाधित होने और रात में रोस्टिंग के बाद भी बिजली व्यवस्था बहाल न होने से उपभोक्ताओं में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
शनिवार को शाम 6:30 बजे से रात 8:30 बजे तक रोस्टिंग के चलते आपूर्ति बंद रही। रोस्टिंग समाप्त होने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली आने की उम्मीद थी, लेकिन इसके बाद बांकेगंज विद्युत उपकेंद्र की ओर से 33 केवी ब्रेकडाउन का संदेश जारी कर दिया गया। इससे उपभोक्ताओं को एक बार फिर अंधेरे में रहना पड़ा। आरोप है कि संसारपुर फीडर पर आए दिन शटडाउन के नाम पर करीब 4 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उपभोक्ताओं से नियमित रूप से बिजली बिल वसूला जा रहा है और सरकार बेहतर आपूर्ति का दावा कर रही है, तो बांकेगंज उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को लगातार कटौती क्यों झेलनी पड़ रही है। शटडाउन, रोस्टिंग और ब्रेकडाउन की लगातार स्थिति ने बिजली व्यवस्था की निगरानी और प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस संबंध में अवर अभियंता कामता प्रसाद से जब उपभोक्ताओं की समस्या और लगातार कटौती को लेकर जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि “हम इसमें कुछ नहीं कर सकते, यह सब ऊपर से भी कटौती हो रही है।” जेई के इस जवाब से सवाल उठता है कि यदि स्थानीय स्तर पर विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं कर सकते, तो लगातार हो रही कटौती की जवाबदेही आखिर किसकी है। उपभोक्ताओं ने उच्चाधिकारियों से संसारपुर फीडर की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर नियमित और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।



